Friday, 13 January 2017

1 सेकेंड से भी कम में डाउनलोड होगी मूवी, जियो ने शुरू की नई सेवा

अब आपको इंटरनेट से फिल्म डाउनलोड करने में सिर्फ 1 सेकेंड लगेंगे। रिलायंस जियो ने ‘फाइबर टू द होम’ (एफटीटीएच) सेवा शुरू कर दी है।
- रिपोर्ट के मुताबिक मुबंई की कुछ जगहों पर इस सर्विस को शुरू कर दिया गया है और कुछ बिल्डिंगों में जियो फाइबर के लिए केबल इंस्टॉल किए जा रहे हैं।
- आपको बता दें मुकेश अंबानी ने 5 सितंबर को जियो की 4G सेवा लॉन्च करते वक्त बताया था कि रिलायंस जियो एफटीटीएच नेटवर्क से उपभोक्ताओं को 1 गीगाबाइट प्रति सेकंड (gbps) तक की इंटरनेट स्पीड उपलब्ध हो सकेगी।
- इस स्पीड का मतलब ये है कि उपभोक्ता 1 जीबी का कोई वीडियो करीब 1 सेकेंड में डाउनलोड कर सकेंगे
- मुंबई की नेपियन सी रोड इलाके में इसकी शुरुआत की गई है।
- जियो फाइबर सर्विस 3 महीनों के लिए मुफ्त है, लेकिन इसमें FUP (फेयर यूजेज पॉलिसी) लागू होती है।
- हर महीने यूजर्स को 100 जीबी की तक की डाउनलोडिंग पर फुल स्पीड दी जाएगी।
- डेटा लिमिट पूरी हो जाने के बाद सर्विस की स्पीड 1 mbps हो जाएगी।

Wednesday, 11 January 2017

यहां के सभी पुरुषों को करनी होती है दो महिलाआें से शादी, नहीं तो जाना होगा जेल

शादी के लिए विभिन्न देशों में अलग-अलग नियम हैं। कहीं पर आप एक ही शादी कर सकते हैं तो कहीं पर आपको एक से ज्यादा शादी की इजाजत होती है। इसके अलावा एक देश एेसा भी है जहां पर पुरुषों को दो महिलाआें से शादी करनी होती है। यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो फिर पुरुष को जेल भी जाना पड़ सकता है।
अफ्रीकी देश इरीट्रिया में पुरुषों के लिए दो शादी करना जरूरी है। इसके पीछे कारण है महिलाआें की संख्या में पुरुषों के अनुपात का काफी कम होना। इसी कारण यहां पर एक पुरुष को दो महिलाआें से शादी करनी होती है। इरीट्रिया की सरकार ने बाकायदा इसके लिए एक कानून बना दिया है।
इस सरकारी कानून को नहीं मानने वाले पुरुषों को सजा देने का भी प्रावधान है। अगर पुरुष दो महिलाआें से शादी नहीं करते हैं तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। साथ ही अगर पहली पत्नी ने दूसरी शादी को लेकर किसी भी तरह की परेशानी खड़ी करने की कोशिश की तो महिलाआें को भी उम्रकैद जैसी सख्त सजा दी जा सकती है।
इस कानून के चलते देश में दो विवाह करने वाले पुरुषों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। हालांकि इस कानून के कारण इरीट्रिया की दुनिया के दूसरे देशों में काफी आलोचना भी की जा रही है, लेकिन अभी तक इरीट्रिया की सरकार ने इस कानून को वापस लेने के संबंध में कोर्इ फैसला नहीं लिया है।